कैंसर सर्वाइवर स्टोरी - बायोप्सी के साइड इफेक्ट्स | क्या बायोप्सी से कैंसर फैल सकता है?
कैंसर होने से लेकर कैंसर ठीक होने तक का सफर वही समझ सकता है जिसे कैंसर हुआ हो और फिर वो ठीक हुआ हो। कैंसर के इलाज में एक पेशेंट को बहुत सारे परीक्षणों से होकर गुज़ारना पड़ता है। ऐसा ही एक टेस्ट है Biopsy test for cancer. यह टेस्ट कैंसर का पता लगाने के लिए किया जाता है। लेकिन एक जरुरी सवाल जो हर मरीज़ के मन में रहता है वो यह है कि क्या बायोप्सी से कैंसर फैल सकता है या फिर इसके साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं या नहीं (Side Effects of Biopsy).
आज हम इस ब्लॉग के माध्यम से जानेंगे की biopsy test for cancer क्या है और Side Effects of Biopsy क्या क्या हैं ? इसके साथ साथ हम एक कैंसर सर्वाइवर की कहानी के माध्यम से समझेंगे कि कैसे उसे कैंसर के इलाज के दौरान Biopsy के Side Effects झेलने पड़े।
बायोप्सी क्या है (What Is Biopsy)
बायोप्सी एक ऐसा टेस्ट है जिसमें डॉक्टर शरीर के किसी भी प्रभावित हिस्से से एक छोटा सा ऊतक (tissue) निकालते हैं। इस टेस्ट की मदद से यह पता लगाया जाता है कि क्या उस ऊतक में कैंसर या अन्य कोई बीमारी है। इसे कुछ लोग biopsy test for cancer के नाम से भी जानते हैं। बायोप्सी से डॉक्टर को यह समझने में मदद मिलती है कि ट्यूमर कैंसरसस है या नहीं ।
बायोप्सी तीन तरह से की जाती है और यह पूरी तरह डॉक्टर या जांच करने वाले पर निर्भर करता है की किस तरह की बायोप्सी की जाएगी। आइये समझते हैं कि यह तीन तरह की बायोप्सी कौन कौन सी हैं।
सबसे पहले आती है Needle Biopsy. इसमें एक सुई के माध्यम से ऊतक का एक हिस्सा लिया जाता है। दूसरी है Surgical Biopsy, इसमें डॉक्टर या सर्जन पूरी तरह से प्रभावित ऊतक या ट्यूमर को निकालते हैं। इसके बाद है Endoscopic Biopsy. इसमें शरीर के अंदरूनी हिस्सों में endoscope के जरिये ऊतक के नमूने लिए जाते हैं।
बायोप्सी के साइड इफेक्ट्स (Side Effects of Biopsy)
बायोप्सी के दौरान या उसके बाद कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, जो कि अधिकतर अस्थायी होते हैं। लेकिन किसी किसी केस में ये साइड इफेक्ट्स गंभीर हो सकते हैं। इनकी गंभीरता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई बार शरीर के अंग में कीड़े पड़ना शुरू हो जाते हैं।
1. दर्द और सूजन – बायोप्सी के बाद प्रभावित जगह पर हलका दर्द या सूजन महसूस हो सकती है। यह आमतौर पर कुछ दिनों के भीतर ठीक हो जाता है। यह एक आम साइड इफ़ेक्ट है (Side Effects of Biopsy)
2. ब्लीडिंग (खून बहना) – बायोप्सी के दौरान या बाद में खून बहने की संभावना हो सकती है, खासकर जब सुई या सर्जिकल प्रक्रिया में रक्त वाहिकाओं को नुकसान हुआ हो।
3. इंफेक्शन – किसी भी शल्य चिकित्सा प्रक्रिया में इंफेक्शन का खतरा हो सकता है।
4. फैटी टिश्यू में परिवर्तन – कुछ मामलों में बायोप्सी के बाद शरीर के भीतर स्थित टिश्यू में हल्के परिवर्तन हो सकते हैं।
क्या बायोप्सी से कैंसर फैल सकता है?
अब सवाल आता है कि क्या बायोप्सी से कैंसर फैल सकता है। यह सवाल कई मरीजों के मन में उठता है। बायोप्सी से कैंसर फैलने की संभावना बहुत ही कम होती है। बायोप्सी से कैंसर की कोशिकाएँ शरीर के अन्य हिस्सों में नहीं फैलतीं लेकिन इसके साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं (side effects of biopsy)। कुछ मामलों में बायोप्सी के दौरान कैंसर कोशिकाओं के फैलने का खतरा हो सकता है।
कैंसर सर्वाइवर की कहानी (Cancer Survivor Story)
हाल ही में HiiMS Hospital में एक ऐसा पेशेंट आया जिसके चेहरे पर एक बहुत गहरा घाव था और उसी घाव में कीड़े भी पड़ चुके थे। कीड़े भी ऐसे थे कि वो निकल कर ज़मीन पर चलने लगते थे। सभी ने जवाव दे दिया था लेकिन HiiMS Hospital में उसके कैंसर के इलाज (ayurvedic cancer treatment in India) किया और अब वो ठीक हो चुका है। आइये इस Cancer Survivor Story को समझें।
इस पेशेंट को चेहरे पर एक हल्का नीले रंग का घाव हो रहा था। इसके लिए इन्होने पहले आयुर्वेद की मदद ली और इन्हें आराम भी मिला। लेकिन किसी के कहने पर इन्होने अपने भाई पर ज़ोर डाला की आयुर्वेद में इन्हें आराम नहीं मिल रहा और मुझे किसी प्राइवेट अच्छे हॉस्पिटल में ले चलो। पेशेंट के भाई ने उसे बहुत समझाया की आयुर्वेद की मदद से ये ठीक हो जाएगा। लेकिन पेशेंट ने नहीं मानी और फिर अंत में उनके भाई को उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाना पड़ा।
पहली Biopsy: हॉस्पिटल में जाते ही वहां के डॉक्टर ने इन्हें कह दिया कि यह कैंसर है और आपको इसकी Biopsy करवानी होगी। पेशेंट ने Biopsy करवा ली। लेकिन जब रिपोर्ट देखी तो उसमे कुछ नहीं था। सब नार्मल था। इसके बाद डॉक्टर ने कहा कि रिपोर्ट तो नार्मल है लेकिन आप एक बार फिर से Biopsy करवा लो।
दूसरी Biopsy: जब पेशेंट ने 15 दिन बाद दूसरी Biopsy करवाई तो उसके बाद पेशेंट को मुंह पर ज़ख्म बनना शुरू हो गया। कुछ दिनों में जख्म इतना ज्यादा बन गया की वहां कीड़े पड़ना शुरू हो गए। यह सब Side Effects of Biopsy के कारण हो रहा था। डॉक्टर ने कह दिया की इसकी सर्जरी करनी पड़ेगी और चेहरे का कुछ हिस्सा और आँख भी निकालनी पड़ेगी।
जब पेशेंट ने यह सुना तो उसने अपने भाई को कहा की मुझे यहाँ से ले चलो। पेशेंट के भाई ने LAMA डिस्चार्ज के जरिये उन्हें वहां से निकाला और HiiMS Hospital लेकर आया।
HiiMS हॉस्पिटल में Treatment से हुआ चमत्कार
पेशेंट का भाई राजीव दीक्षित जी को मानता था और साथ ही Acharya Manish Ji को भी फॉलो करता था। प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज़ करवाते करवाते उन्होंने 3 लाख से ज्यादा खर्च किये लेकिन मिला कुछ नहीं और उल्टा उन्हें सर्जरी और आँख निकालने के लिए बोल दिया था।
जब पेशेंट HiiMS हॉस्पिटल में आया तो वो यहाँ भी अपना ट्रीटमेंट नहीं करवाना चाहता था। इसके बाद Acharya Manish Ji ने इन्हें समझाया की कुछ दिन अपना इलाज यहाँ करवाओ आपको जरूर आराम मिलेगा। आज मरीज़ लगभग ठीक हो चुका है। बायोप्सी से हुए साइड इफ़ेक्ट (Side Effects of Biopsy) से जो कीड़े पड़ चुके थे वो भी अब ठीक हैं और इसके साथ साथ उनकी आँख भी ठीक है।
अगर आप इस Cancer Survivor Story को पूरी तरह समझाना चाहते हैं तो इस वीडियो को देखें। वीडियो में Acharya Manish ji स्वंय पेशेंट से बात कर रहे हैं।
आप या आपका कोई जानने वाला कैंसर से परेशान है और कैंसर ट्रीटमेंट (cancer treatment in india) के बारे में सोच रहा है तो उन्हें HiiMS Hospital के बारे में जरूर बताएं। अगर कैंसर बिना किसी सर्जरी के ठीक हो सकता है तो सबसे पहले इस चीज़ को महत्व दें। आयुर्वेद में इतनी ताकत है की इसकी मदद से किसी भी बीमारी को रिवर्स किया जा सकता है।
Acharya Manish invites you to join him on this journey towards holistic wellness. Embrace the ancient wisdom of Ayurveda and Naturopathy, and be a part of a global community committed to natural health and well-being.
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